मोहम्मद हारुन उत्प्रेरक टाइम्स धनपुरी।
विकास खंड के ग्राम पंचायत चन्नौड़ी मे मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित प्रस्फुटन शक्ति संचय अभियान के अंतर्गत गुरुवार को प्रस्फुटन समितियों का एक दिवसीय क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिला समन्वयक विवेक पांडेय के मुख्य आतिथ्य एवं उपस्थिति में सेक्टर क्रमांक 5 के ग्राम चन्नौड़ी में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की कार्यक्षमता, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक कौशल को बढ़ाना रहा ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और सामुदायिक विकास के कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें।
पांच ग्रामों की समितियों ने लिया भाग
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सेक्टर क्रमांक 5 के अंतर्गत आने वाले पांच ग्रामों-बैरिहा, सेमरिहा, भमला, नेमुहा एवं शाहपुर की प्रस्फुटन समितियों के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और सक्रिय सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसके साथ ही नवांकुर संस्था से जुड़ी नवांकुर सखियों ने भी भागीदारी की। प्रशिक्षण सत्र का संचालन अनुभवी प्रशिक्षक आनंद यादव ने किया। उन्होंने समितियों की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रस्फुटन समितियां शासन और समाज के बीच सेतु का कार्य करती हैं। उन्होंने संगठनात्मक क्षमता के विकास, बैठक प्रक्रिया, प्रस्ताव लेखन, रिकॉर्ड संधारण, आय-व्यय का पारदर्शी प्रबंधन, शासकीय योजनाओं से जुड़ाव और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में समिति की सक्रिय सहभागिता जैसे विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। जिला समन्वयक विवेक पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि जन अभियान परिषद का उद्देश्य केवल समिति बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि जब गांव की समितियां सशक्त होंगी, तभी जनभागीदारी के माध्यम से विकास कार्यों को सही गति मिलेगी। उन्होंने सभी समितियों से जल संरक्षण, नशा मुक्ति, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण जैसे अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
ग्रामीण नेतृत्व रहा मौजूद
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। ग्राम चन्नौड़ी के उपसरपंच सत्येंद्र प्रताप सिंह, बजरंग ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ, सचिव सुरेश मिश्रा, अभिलाष चतुर्वेदी, नागेश्वर सिंह, अखिलेश सिंह, कैलाश गुप्ता, रूही बेगम, घनश्याम सिंह, कमलेश सिंह और मेनिका बैगा सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य तथा नवांकुर सखियां उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपने गांवों में आ रही समस्याओं और अनुभवों को भी साझा किया, जिस पर प्रशिक्षकों ने समाधानात्मक सुझाव दिए। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के अन्य सेक्टरों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक संगठनों को सशक्त बनाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।



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